Lakshya Movie powerful Dialogue in hindi

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Lakshya
Action, Drama, Romance
Director: Farhan Akhtar
Writers: Javed Akhtar(dialogue)Karan Kashyap(dialogue supervisor)Karan Vishwanath Kashyap(Dialogue Supervisor)
Stars: Hrithik Roshan, Preity Zinta, Amitabh Bachchan
IMDb RATING: 7.8/10

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका, आज हम आपके लिए lakshya मूवी के powerful dialogues लेकर आए जिनको जानने में आपको मजा आएगा। अगर हम अपना  ओपिनियन बताए तो हमे मूवी बहुत ज्यादा अच्छी लगी ये एक मिलिट्री एक्शन मूवी जिसमे बहुत खतरनाक और मुश्किल missions को पूरा करना होता है, 
इस मूवी के main एक्टर ऋतिक रोशन है, और भी बड़े एक्टर ने अपनी भूमिका से इस फिल्म में चार चाँद लगाए है, 

कारन, बिगड़ा हुआ जवान लड़का होता है जो अपनी जिंदिगी में काफी कंफ्यूज होता है, उसके अपने जीवन में कोई lakshya समझ नहीं आता, वो अपने सभी दोस्तों से बात करता है तो उसके सभी दोस्तों ने अपने जीवन के lakshya के बारे में अच्छे से सोचा हुआ होता है, कारन के एक दोस्त फौज में जाने की बात करता है,और कारन को बोलता है के में फौज में जाऊंगा जिसको सुनकर कारन एक्साइट हो जाता है और वो भी फौज में जाने के लिए अपना IMA का फॉर्म भर देता है, जब एग्जाम का लेटर घर आता है तो, कारन का दोस्त फौज में जाने से मन कर देता है, जिसको सुनकर कारन को गुस्सा आता है, क्योकि उसने उसकी वजह से ही मिलिट्री का फॉर्म भरा था।  

अब कारन को मजबूरी में एग्जाम देने जाना पड़ता है। एग्जाम में कारन के सबसे ज्यादा नम्बर आते है और वो मिलिट्री के लिए सेलेक्ट हो जाता है, ये बात सुनकर कारन के पापा कारन पर बहुत गुस्सा होते है क्योकि कारन उन्हें बिना बताए मिलिट्री का फैसला लेता है। कारन जब फौज की ट्रेनिंग के लिए IMA में जाता है, ट्रेनिंग के दौरान कारन ध्यान से भटक जाता है और गलती कर बैठता है जिसके बाद उससे कड़ी सजा दी जाती है। अगले दिन कारन मिलिट्री इंस्टिट्यूट से भाग जाता है।  और अपने माँ बाप से मिलता है, 

जिसके बाद उससे पापा उसे बिज़नेस सँभालने को कहते है, कारन हां बोल कर रूम से बहार निकल जाता है लेकिन वो कमरे से बहार अपने पापा की कुछ बाते सुन लेता है जिससे उससे शर्मन्दिगी महसूस होती है और वो फिर से मिलिट्री इंस्टिट्यूट में चला जाता है और कड़ी म्हणत से ट्रेनिंग करने लगता है, और फ़ूज़ में भर्ती हो जाता है, भ जाकर कारन को एक मिशन दिया जाता है जिसमे उसकी पूरी टीम होती है, उस मिशन को कई बार पूरा करने की कोशिश की जाती है लेकिन इंडियन आर्मी नाकाम हो जाती है, जिसके बाद मिशन को किसी और टीम को देने का फैसला किया जाता है, ये बात सुनकर कर्नल सुनील अपनी टीम को आखरी बार मिशन पर भेजते है जिसमे 48 घंटो में उनको पूरा करना होता है, जिसमे टियाम अपनी पूरी जान लगाकर मिशन को पूरा करती है जिसमे बड़ी भूमिका कारन की होती है। 






 

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