ANXIETY kya hai ? Anxiety disorder कैसे ठीक करे और कैसे बाहर आए | what is Anxiety ?

ANXIETY क्या है ? Anxiety disorder कैसे ठीक करे और कैसे बाहर आए | what is Anxiety ?



चिंता की भावना पैदा होना कोई गलत नहीं है ये एक सामान्य बात है हर जीव को किसी न किसी से दर लगता है, चिंता होती है ये हमारे जीवन का हिस्सा है। चिंता होना हमे जीवन में बहुत मदद करता है। ज्यादा चिंता करना बुरा है अगर सचाई के आधार पर आपको चिंता का अहसास हो रहा है तो वो चिंता सही है और अगर आप कुछ भी सोच कर चिंता कर रहे है तो वो आपके लिए सही नहीं है। 

चिंता का भाव होना हमे मुश्किलों से बचता है जैसे कोई डिवाइस होता है खतरा होने पर सिगनल देना शुरू कर देता है बिलकुल वैसे ही हमारे शरीर में भी कुछ ऐसे ही अलार्म है जो खतरे को भाप लेते है और जिससे बॉडी सिग्नल देने लगती है जैसे धड़कन का तेज होना, पसीना आना, इससे हमे पता चल जाता है के हमारे आस पास कोई खतरा है। जब पुराने समय में लोग शिकार करते थे तो ये चीज उनकी जान बचाने में बहुत मदद करती थी। 

खतरा भांपने पर शरीर में adrenaline हार्मोन्स निकलने लगता है जिससे इंसान भागने या लड़ने के लिए तैयार हो जाता है जिसमे उसे काफी मदद मिलती है अगर आप थके हुए हो और अचानक से आपके सामने कोई जंगली जानवर आ जाए तो आप क्या करोगे। थकावट होने के बाद भी आप अपने पूरी जान लगाकर वह से भागोगे, आपको अपनी खाकावट का भी अहसास नही हो पायेगा ये सिर्फ adrenaline हार्मोन्स के कारण ही होता है। 

किसी खतरे वाली जगह पर चिंता का भाव सही है पर जब इस सब के बजाए चिंताए बिना बात की चीजों से होने लगे तो ये बुरा है। अब इंसान की चिंताए किसी खतरनाक जगह पर नहीं होती बल्कि अपने घर में भी इंसान चिंता में हो सकता है जहां पर उसको किसी से कोई खतरा ना हो। अब लोगो की चिंता का कारण धन, नेम फेम, देखावा ये सब हो गया है.लोग खुद अपनी चिंता को बढ़ाते है बिना किसी बात के।    

एक्शन के समय चिंता होना जरुरी है आसान शब्दों में जब आप रोड पर चलते है तो आपको घबराहट होती है जब रोड क्रॉस करते है तो घबराहट और चिंता होती है और ये होनी भी चाहिए क्योकि ये आपको अलर्ट रखता है। पर अगर आप आराम से बिस्तर पर लेटे हुए घबराहट महसूस कर रहे है तो ये आपके ज्यादा सोचने की वजह से हो रहा है। किसी काम को करते समय घबराहट और चिंता का भाव होना सही है। 

Anxiety disorder

जरुरत से ज्यादा चिंता करना आपको बीमार कर सकता है। कभी कभी चिंता की भावना ज्यादा बढ़ जाती है जिसकी वजह से ये एक बहुत ही गंभीर रूप ले लेती है जिससे आपके जीवन को काफी नुक्सान पहुंच सकता है। इसलिए बिना बात की बातो पर चिंता करना बंद कीजिए , हमने ऊपर भी बताया है कोनसी चिंता सही है और कोनसी गलत। वर्त्तमान समय में किसी खतरे को भाप कर उठने वाली चिंता सही है जो अपने आप उठती है। और घर पर या अपने सेफ जगह पर उठने वाली चिंता या घबराहट होना गलत है। 

जरुरत से ज्यादा सोचना और चिंता करना anxiety disorder का कारण बनता है अगर आप अपने आप को ये समझा सके के ज्यादा सोचने से कुछ होता नहीं है बल्कि सही सोचने से होता है। तो आप इस परेशानी से बहार निकल सकते है। रियलिटी के आधार पर सोचना सही सोचना है जहां आपको चिंता नहीं होगी। इस दुनिया में नेचर द्वारा बनाई गई चीज एक दम सही है जब तक हम उसको ख़राब न करे। और जो आपकी जिंदिगी में  हो चूका है उसको बदलना हमारे हात में नहीं अगर इस बात को अच्छे से समझ जाए तो प्रॉब्लम दूर हो सकती है। 



अपने डॉक्टिर को दिखाना भी एक अच्छा विचार है अगर आपको ज्यादा परेशानी हो रही हो तो जरूर डॉक्टर से मिले और उनके द्वारा इलाज कराए। 


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